Himanshi Mittal

कोरोना वायरस का सामान्य जिंदगी में प्रभाव

कोरोना वायरस का हम सभी की जिंदगी पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। यह एक बहुत ही भयानक और गंभीर बीमारी है जिसके कारण सभी लोगों का बाहर निकलना बंद हो गया है,सभी के कार्यों पर रोक लग गई है ,हम सभी के स्कूल तक बंद हो गए हैं अर्थात जिंदगी थम सी गई है।इसके चलते पिछले वर्ष के 10वीं और 12वीं के परिणाम भी बहुत देर से आए और उनकी आगे की पढ़ाई भी बहुत देर से शुरू हो पाई। स्कूल बंद होने के कारण सरकार ने ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा शुरू करने का निर्णय लिया परंतु इन कक्षाओं के दौरान भी किसी को भी कुछ विशेष प्रकार का लाभ नहीं हुआ।सभी की जिंदगी पर कोरोना का प्रभाव भिन्न-भिन्न तरीके से हुआ है जैसे- किसी की नौकरियां छूट गई है ,नौकरी जाने की वजह से बेरोजगारी बढ़ गई है,बच्चों का शिक्षा में कोई कोई खास रुचि नहीं रह गई है, माता पिता का पढ़ाई के लिए बोझ बढ़ गया है, व्यक्ति में शारीरिक और मानसिक तनाव पैदा हो गया है। इंसान की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है ।पहले बच्चे भी 7 से 8 घंटे तक स्कूल में जाकर पढ़ाई करते थे फिर आकर घर पर थोड़ा आराम करके खेलने जाते थे परंतु अब ऐसा कुछ भी नहीं रहा ।पूरा दिन मानसिक रूप से थक जाते हैं।रात को देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं। मैं अपने अनुभव की बात करूं तो मेरी जिंदगी में भी इसका बहुत प्रभाव पड़ा है। इस वायरस की वजह से नया पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए किताबें खरीदने में भी डर लगता था क्योंकि हमारे शहर में जिस दुकान से किताबें मिलती है वह तो पहले से ही बंद थी और जब खुली तो उनमें से कुछ दुकानदारों को यह वायरस हो गया जिसकी वजह से चार-पांच महीने बिना पुस्तकों के इंटरनेट से ही पढ़ना पड़ा ।वायरस के कारण लंबे समय तक हम किसी भी रिश्तेदार या अपनों से नहीं मिले।मेरे घर में भी मेरे चाचू की शादी को भी टालना पड़ा। हमारा घूमना भी बंद हो गया। तालाबंदी खुलने के बाद जब हमारे चाचू की शादी के बारे में घरवालों ने सोचा तब हम ज्यादा लोगों और अपने रिश्तेदारों को भी आमंत्रित नहीं कर पाए क्योंकि इसकी वजह से समारोह में भी 50 से ज्यादा व्यक्तियों की अनुमति नहीं थी। कोरोना काल के चलते पिछले साल से अब तक किसी भी त्योहार का हम भरपूर आनंद नहीं ले पाए। उन त्योहारों को हर्षोल्लास से नहीं बना पाए जैसे पहले वर्षों में मनाते थे।सभी त्योहारों पर सारे रिश्तेदार इकट्ठे होते थे।मिल-जुल कर मिठाइयां बांटकर हंसी ठिठोली करके खुशियां मनाते थे और त्योहारों का आनंद लेते थे परंतु अब ऐसा कुछ भी नहीं रहा । न तो दिवाली पर मिठाईयां बांटी ना ही कोई रिश्तेदार एकत्रित हुए। न ही जन्मदिन के शुभ अवसर पर मेरे दोस्त मेरे घर आ सके परंतु सबसे अच्छी बात जो मुझे लगी कि इस तालाबंदी के चलते एक चीज का आनंद मैं बहुत अच्छे से ले पाई जो है कि मैं पूरे परिवार के साथ हर समय रही।हम सब ने बहुत मज़े किए हमें अच्छे-अच्छे पकवान खाने को मिले हम खेल खेलते थे।2020 के अंत में हम सब ने यह प्रार्थना की कि आने वाला साल 2021 सबकी जिंदगी में कुछ न कुछ बदलाव लाए,सबको खुशियां मिले ।जब सरकार ने यह ऐलान किया कि हमारे वैज्ञानिक जल्द से जल्द वैक्सीन हमारे बीच लाने वाले हैं तब इस उम्मीद की नई किरण के चलते हमने नए साल 2021 का आगमन बड़े ही खुशियों और छोटी छोटी सी पार्टियों के साथ किया और यह सोचा कि यह साल सभी के लिए बहुत अच्छा होगा।अब जैसे कि हम सभी को पता है कि कोरोना की वैक्सीन भी आ चुकी है जल्दी ही हम सबके स्कूल भी खुल जाएंगे और हम सब अपनी पहले जैसे गतिविधियां कर पाएंगे। हम सभी अपने रिश्तेदारों से भी मिल पाएंगे अंत में बस मैं यही यही कहना चाहूंगी कि हम सब स्वस्थ रहें अपने आसपास सफाई रखें क्योंकि वैक्सीन के साथ-साथ हमें सावधानियां भी बरतनी होगी किसी भी प्रकार का कोई खतरा हमें नहीं उठाना है क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी।

 

Mandeep Sahu

COVID 19 IMPACT

THE IMPACT OF COVID 19 WAS NOT THAT MUCH BAD BUT IF SOME HAVE GONE BAD THEN SOME GOOD THINGS HAVE ALSO HAPPENED. BAD THINGS WERE THAT I DIDN'T GET OUT OF MY HOUSE MUCH THAT WAS VERY MUCH BORING. THIS TIME I HAVE ENROLLED MYSELF IN NEW SCHOOL AND I WAS VERY MUCH EXCITED TO MEET MY NEW TEACHERS AND FRIENDS BUT THIS CORONA HAS EXPLOITED EVERYTHING. GOOD THINGS WERE THAT DURING THE LOCKDOWN MY WHOLE FAMILY SPENT TIME TOGETHER AND WE GET TO KNOW EACH OTHER BETTER THAN BEFORE. ONLY BECAUSE OF THE ONLINE CLASSES I HAVE GOT TO NEW MORE FEATURES ABOUT MY COMPUTER. SO , THE OVERALL THING IS THAT THE IMPACT WAS NEUTRAL BUT TO MUCH EXTENT I FELT VERY BORING DURING THESE TIMES.

Dolly

COVID 19 IMPACT

These can be difficult time for all of us during this COVID–19 pandemic from all over the world,television,social media, family and friends other sources. the most common emotion face by all is fair. according to my observation during this long lockdown in India. It was for boring because we are not going outside like garden etc.this lockdown has so many restrictions like social gathering,talk with friends now we talk about education,my school has been shut down because corona pandemic so our school has started talking online classes. So,that student don't face time during this lockdown.I am really happy that our school has taken this online classes because I am also bored at home.in home our every day will gone like a Sunday and I know that this lock down is good for our health so I have no more issues for this lockdown.

 
 

Samriddhi Singh

COVID 19 IMPACT

Covid-19 has created a spell of disruptions and changes that have left practically no facet of business untouched. Covid-19 is a pandemic which has ruined lives of many innocent people like the exodus of migrants, the wildlife also lost their shelter and many people had a decline in their businesses. When the lockdown started the air quality level was very good and incredible but when there was an unlock the AQI level or the air quality index got filthy. During the lockdown, the nature showed its beauty and I was able to see some peacocks in the forest near my house as it is rightly adage by Henry David Thoreau "Its not what you look at that matters, its what you see." I also got bored in the quarantine because I had nothing to do. So I searched on the net for things to do when bored and then I had a lot of things like writing journal, creating room decor etc. In this pandemic I learned that we should never be afraid of anything because if we have faith in ourselves we can tackle any problem as Dan Brown has rightly quoted that "Everything is possible for him who believes."

 

Poornima Oli

COVID 19 IMPACT